डॉक्टर से प्लाट बिक्री में हुई धोखाधड़ी, डॉक्टर परिवार लगा रहा गुहार

बरेली। बरेली में जमीनों की खरीद-फरोख्त में घपलेबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला एक चिकित्सक से जुड़ा है जो खरीदे गये भूखण्ड पर सफाई कराने पहुंचे तो वहां कुछ लोग आये और भूखण्ड से सम्बन्धित अपने दस्तावेज दिखाये। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। डॉक्टर कार्रवाई की गुहार कर रहे हैं।

मामला महेन्द्र गायत्री अस्पताल के संचालक डॉ. वीर महेन्द्र सिंह के बेटे डॉ. कुशाग्र सिंह के साथ हुआ है। घटनाक्रम के अनुसार कुशाग्र सिंह ने बीती 17 फरवरी 2024 को सैदपुर हॉकिन्स स्थित प्लॉट संख्या 21 पूरा एवं 22 का आशिंक भाग श्रीमती असमी पत्नी आरिफ अली से खरीदा था। असमी ने यह प्लॉट कर्मचारी नगर निवासी शलभ शर्मा से नौ सितम्बर 2021 को खरीदा था। प्लॉट खरीदने के बाद 21 मई 2024 को जब कुशाग्र सिंह अपने लोगों को लेकर प्लॉट पर पहुंचे तो कुछ लोग हाथ में रजिस्ट्री के कागज लेकर पहुंचे और प्लॉट पर अपना कब्जा बताया। उनके पास रजिस्ट्री के अनुसार शलभ शर्मा ने यह प्लॉट 28 जून 2021 को बेबी रानी पत्नी उर्मिलेश कुमार निवासी गणेश नगर को बेचा था।

इन कागजों से कुशाग्र को ठगे जाने का अहसास हुआ। कुशाग्र सिंह ने बताया कि उन्होंने बेबी रानी, आरिफ अली के साथ जाकर दोनों को प्लॉट बेचने वाले शलभ शर्मा से बात की तो उन्होंने बैठकर मामला सुलझाने की बात कही। साथ ही कहा कि हो सकता है कि रजिस्ट्री में प्लाट संख्या गलत पड़ गया हो, हम इसके बदले में दूसरी जमीन दे देंगे। इसके बाद मामला जस का तस ही रहा। हारकर कुशाग्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। तब कर्मचारी नगर निवासी शलभ शर्मा के खिलाफ थाना इज्जतनगर में मुकदमा दर्ज हो गया।

कुशाग्र सिंह ने बताया कि इसके बाद बीती 24 अक्टूबर को पुलिस क्षेत्राधिकारी तृतीय की उपस्थिति में उन्हीं के कार्यालय पर तीनों पक्ष एकत्र हुए। तब शलभ शर्मा ने मामले को सुलझाने के लिए 30 नवम्बर तक का समय लिखित में मांगा था।

कुशाग्र सिंह का कहना है कि यह समय बीते भी सवा महीना बीत चुका है लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अब उन्होंने एसएसपी से एक बार फिर कार्रवाई की गुहार की है।

– टीम न्यूज़ अपडेट यूपी

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