News update up :- महंगाई इस्तेमाल का तौर-तरीका बदला, मखाना हो गया 1400 के पार, अब स्नैक्स में प्रयोग से बढ़ी मांग
पहले सिर्फ फलाहार में इस्तेमाल होता था। अब यह लगभग हर मध्यवर्गीय परिवार में नाश्ते का अहम हिस्सा होने लगा है। चिप्स और नमकीन बनाने वाली कंपनियां तक मखाने का इस्तेमाल कर पैकेटबंद स्नैक्स बना रही हैं। खाड़ी देशों में भी मखाने का निर्यात बढ़ा है। अब लोग इसका पाउडर बनाकर प्रोटीन शेक पी रहे हैं।सेहत और स्वाद का खजाना मखाना बीते चार साल से लगातार महंगा होता जा रहा है। पिछले तीन महीने में इसके दाम 400 रुपये बढ़े हैं। अब फुटकर बाजार में मखाना 1400 रुपये किलो के पार हो गया है। पैकेट बंद मखाने की कीमत 1800 रुपये तक जा पहुंची है। आगे सहालग और नवरात्र में इसके दाम और चढ़ने के आसार जताए जा रहे हैं।किराना व्यापार मंडल के महामंत्री प्रशांत गर्ग का कहना है कि एक तो मखाने के इस्तेमाल का पैटर्न बदला है। पहले सिर्फ फलाहार में इस्तेमाल होता था। अब यह लगभग हर मध्यवर्गीय परिवार में नाश्ते का अहम हिस्सा होने लगा है। चिप्स और नमकीन बनाने वाली कंपनियां तक मखाने का इस्तेमाल कर पैकेटबंद स्नैक्स बना रही हैं। खाड़ी देशों में भी मखाने का निर्यात बढ़ा है। अब लोग इसका पाउडर बनाकर प्रोटीन शेक पी रहे हैं।
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