Newsupdateup:- विपक्षी दलों की आलोचनाओं और हंगामे के बीच, वक्फ संशोधन विधेयक आज लोकसभा में पेश किया गया। इस विधेयक को लेकर विरोध बढ़ा हुआ था, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली और अन्य शहरों की मुस्लिम महिलाएं इस बिल का समर्थन करने के लिए सड़कों पर उतर आईं।
ये महिलाएं पोस्टर्स लेकर दिल्ली की सड़कों पर दिखाई दीं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए लिखा था कि वक्फ संपत्ति की आमदनी अब हकदारों तक पहुंचेगी। महिलाएं अपनी गोद में बच्चों के साथ इस आंदोलन में शामिल हुईं, और बिल के पक्ष में अपनी आवाज़ उठाई।
विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया है, जिसमें तमिलनाडु की AIADMK, बीजू जनता दल, और भारत राष्ट्र समिति जैसे न्यूट्रल पार्टियां भी शामिल हैं। इंडिया गठबंधन ने संसद में इस विधेयक पर चर्चा करने की योजना बनाई है और समय बढ़ाने की मांग की है।
क्या है वक्फ संशोधन विधेयक में?
इस विधेयक के तहत वक्फ बोर्ड के कामकाजी ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं:
1. वक्फ बोर्ड में अब दो गैर-मुस्लिम सदस्य होंगे।
2. महिला और अन्य मुस्लिम समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
3. वक्फ संपत्तियों का हिसाब-किताब पारदर्शी रखने के लिए सरकार का नियंत्रण बढ़ेगा।
4. जिला मजिस्ट्रेट के ऑफिस में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा, ताकि संपत्ति के मालिकाना हक का पता चल सके।
5. CAG (कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल) वक्फ बोर्ड के खातों का ऑडिट कर सकेगा।
6. पहले वक्फ बोर्ड में सिर्फ शिया और सुन्नी समुदाय के लोग होते थे, लेकिन अब आगा खानी और बोहरा समुदाय भी शामिल होंगे।
इस विधेयक के समर्थन में मुस्लिम महिलाएं अपनी मजबूत आवाज़ उठा रही हैं और पीएम मोदी के कदमों की सराहना कर रही हैं।
