Newsupdateup :- विश्व स्वलीनता जागरूकता दिवस मनाया
बरेली। जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान एवं आर्मी पब्लिक स्कूल, बरेली के संयुक्त तात्वधान में “विश्व स्वलीनता जागरूकता दिवस” मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्या डा सरिता सिरोही, उप प्रधानाचार्य एन के माथुर जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संथान से हर्ष चौहान, एक राम सिहं, एवं संस्थान के विशेष बच्चों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। यह कार्यक्रम प्रातः 10 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक आर्मी पब्लिक स्कूल, बरेली कैण्ट, बरेली में दोपहर 1:30 बजे तक आयोजित किया गया।
आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्या डा सरिता सिरोही ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों के बारे में जागरूकता, स्वीकृति और समावेश को बढ़ावा देना था। जिसमें इंटरैक्टिव गेम्स/फन गेम्स, ड्राइंग एवं क्राफ्ट गतिविधियाँ और संवेदीकरण कार्यक्रमों को शामिल किया गया। यह उत्सव ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति, समझ और स्वीकृति को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। इसी के अर्न्तगत आज सामावेशी वातावरण को बढ़ावा देने के उददेश्य से, आर्मी पब्लिक स्कूल एवं जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान ने ऑटिज्म से ग्रस्त व्यक्तियों और उनके परिवारों को समर्थन करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाया।
डॉ अमिताव मिश्रा, चेयरमैन, जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान ने संदेश देकर बताया कि आज के समय में सभी प्रकार की अक्षमताओं में एक प्रमुख ऑटिजम हैं। जिससे आज भारत में लगभग 36 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। ऑटिजम (स्वलीनता) एक जटिल विकासात्मक असमर्थता है। ऑटिजम का प्रभाव मस्तिष्क के द्वारा सूचना संकलन पर पड़ता है। और व्यक्ति द्वारा सहीं ढंग से देखकर सुनकर या महसूस कर समझने में बाधा डालता है। ऑटिजम (स्वलीनता) को मेडिकल भाषा में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसॉर्डर के नाम से जाना जाता है। यह एक विकास संबंधी गड़बड़ी है जिसमें पीड़ित व्यक्ति को बातचीत करने में, पढ़ने-लिखने में और सामाजिक मेलजोल बनाने में परेशानी आती है। ऑटिज्म एक ऐसी स्थिति है जिसमें पीड़ित व्यक्ति का दिमाग अन्य व्यक्तियों की तुलना में अलग तरीके से काम करता है। ऑटिज्म से पीड़ित लोग भी एक दूसरे से अलग होते है।
शाश्वती नन्दा, डायरेक्टर, जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आर्मी पब्लिक स्कूल की डा पारूल मिश्रा (पीजीटी मनोविज्ञान), आयुष गगन (विशेष शिक्षक), ललिता कुमारी (परामर्शदाता) एवं जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान से एक राम सिंह, क्लीनिकल डायरेक्टर, हर्ष चौहान, प्रशासक इसके अलावा संस्थान के विकलांगता विशेषज्ञ एवं विशेष शिक्षक सोनल भाटिया, हेमा चौहान, ममता दिवाकर, रूकसार खान, फारिया, रजनी गंगवार, सोनम पाण्डेय, काजल यादव, नाजिया इरफान, डीएड विशेष शिक्षा के समन्वयक सिकन कुमार सामन्तराय एव रंजना पाल, अर्शी, फुरकाना नाज आदि को बधाई संदेश दिया।
